सोमवार, 11 जनवरी 2010

आँखों पर जोर डालो तो रास्ता दिखेगा...


आँखों पर जोर डालो तो रास्ता दिखेगा 
जितना वहम है कोहरा उतना घना नही होगा |

सैंतालिस में फरमान जारी कर बैठे थे 
हर जन को आजादी का अहसास हुआ होगा |

आज भी भुखमरी पर बहस जारी थी 
होंठो पर हंसी, हाथों में जाम भी होगा |

उजली खादी की फिर जमघट सजी थी 
उस भूखी माँ के तन पर चिथड़ा रहा होगा |

इन्कलाब कल फिर से उठ न सकी 
सत्ता तले कोई देशभक्त कुचला गया होगा |

है जवाबदेही किसकी इन प्रश्नो की 
यार सदन में यह प्रश्न बेबुनियादी रहा होगा |
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