सोमवार, 18 मई 2009

"किसी का इंतजार बाकी है..."


न कोई बात बाकी है
न कोई रात बाकी है
तमन्नाओं में जाने क्यूं
अब भी इक शाम बाकी है,

न कोई ख्वाब बाकी है
न कोई सफर बाकी है
डायरी में जाने क्यूं
अब भी कुछ याद बाकी है,

वादा था किसी का
न कोई मुलाकात बाकी है
दिल में न जाने क्यूं
किसी का इंतजार बाकी है !!
एक टिप्पणी भेजें